यह ब्लॉग नेपाल के वंश-विरोधी जन-आक्रोश और भारत में उभरे “इंडो किड्स कथा-निर्माण” के अंतर को स्पष्ट करता है। जहाँ नेपाल में जनता ने राजनीतिक वंशों को चुनौती दी, वहीं भारत में अभिजात राजनीतिक संताने स्वयं को जन-असंतोष का नेतृत्वकर्ता दिखाने लगीं। यह विश्लेषण सत्ता, मीडिया और कथानक के गठजोड़ को उजागर करता है।
