यह लेख योगसूत्र एक बिंदु चौबीस के आधार पर ईश्वर सार्वभौमिकता सिद्धान्त का दार्शनिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। पातञ्जल योग प्रदीप की टीका के अनुसार चार प्रमुख आपत्तियों का परीक्षण किया गया है, जिसमें बीज–अंकुर उदाहरण, तीन प्रकार के चित्त का तुलनात्मक विवेचन और प्रकृति के साथ चेतन निर्देशक की आवश्यकता स्पष्ट की गई है।
