जोहर से सती तक की ऐतिहासिक यात्रा यह दर्शाती है कि किस प्रकार 1303 से 1947 तक चले दीर्घकालिक आक्रमण दबाव ने राजस्थान जैसे सीमांत क्षेत्रों में मान-आधारित जीवन-मृत्यु संरचना को जन्म दिया। यह प्रथा सार्वभौमिक धार्मिक आदेश नहीं थी, बल्कि विशिष्ट ऐतिहासिक परिस्थितियों की सांस्कृतिक प्रतिक्रिया थी।
