फ्रांस सरकार का विघटन केवल आंतरिक राजनीतिक असफलता नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक दुर्बलता-काल था। 2024–2025 के दौरान बार-बार सरकार गिरने से संगठित जनसांख्यिकीय और वैचारिक दबाव सक्रिय हुए, जिनके परिणामस्वरूप फिलिस्तीन मान्यता 2025 जैसे निर्णय संभव हुए। यह लेख लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के भीतर छिपे दबाव-तंत्र को उजागर करता है।
