पाकिस्तानी धार्मिक हिंसा रणनीति यह विश्लेषण करती है कि कैसे राज्य ने अपनी वैधता और नीतियों को रूढ़िवादी इस्लामी न्यायशास्त्र से जोड़ा, जिसके परिणामस्वरूप आंतरिक संघर्ष, संप्रदायवादी हिंसा और जातीय विखंडन उत्पन्न हुए। 1971 से 2026 तक की घटनाएँ दिखाती हैं कि धार्मिक एकरूपता शांति की गारंटी नहीं देती, बल्कि वैचारिक कठोरता अस्थिरता को जन्म देती है। यह विश्लेषण करती है कि कैसे राज्य ने अपनी वैधता और नीतियों को रूढ़िवादी इस्लामी न्यायशास्त्र से जोड़ा, जिसके परिणामस्वरूप आंतरिक संघर्ष, संप्रदायवादी हिंसा और जातीय विखंडन उत्पन्न हुए। 1971 से 2026 तक की घटनाएँ दिखाती हैं कि धार्मिक एकरूपता शांति की गारंटी नहीं देती, बल्कि वैचारिक कठोरता अस्थिरता को जन्म देती है।
