इस्लामी अंतरराष्ट्रीय अधिरोहण इस प्रश्न की पड़ताल करता है कि क्या वैश्विक संस्थान, मानवाधिकार निकाय, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय और बहुपक्षीय संगठन सार्वभौमिक सिद्धांतों से हटकर विशिष्ट धार्मिक दावों के प्रति अधिक संवेदनशील होते जा रहे हैं। लेख संयुक्त राष्ट्र, OIC, ICJ, ICC और यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से इस बहस का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

