यह लेख आर्थिक अधिलेखन का इस्लामीकरण की अवधारणा का विश्लेषण करता है। इसमें हलाल प्रमाणन, इस्लामी बैंकिंग, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं, विकास सहायता, शरणार्थी वित्तपोषण तथा वैश्विक व्यापारिक व्यवस्थाओं के संदर्भ में उन तर्कों की समीक्षा की गई है जो आर्थिक संस्थाओं में बढ़ते इस्लामी प्रभाव और उसके संभावित परिणामों पर प्रश्न उठाते हैं।

